बढ़ती ठंड का असर इन राज्यों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टियां, अब इस दिन खुलेंगे स्कूल School Winter Holiday News

By Shreya

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School Winter Holiday News – देश के उत्तरी क्षेत्रों में एक बार फिर से कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों में जहां तापमान में मामूली वृद्धि देखी गई थी, वहीं अब पुनः शीतलहर की तीव्रता बढ़ गई है। इसके साथ ही घना कोहरा भी जनजीवन को प्रभावित कर रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न राज्य सरकारों ने शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में बदलाव करने का निर्णय लिया है। छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कई राज्यों में शीतकालीन अवकाश की अवधि को आगे बढ़ाया गया है।

हरियाणा प्रदेश में सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। राज्य के समस्त सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 21 जनवरी तक अवकाश रहेगा। यह निर्णय तापमान में लगातार गिरावट और घने कोहरे की स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रारंभ में केवल 15 जनवरी तक की छुट्टियां घोषित की गई थीं, लेकिन मौसम की विषम परिस्थितियों के कारण इसे छह दिन और आगे बढ़ाना पड़ा। हालांकि, दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, क्योंकि उनकी बोर्ड परीक्षाएं निकट आ रही हैं। इन कक्षाओं के लिए प्रातः दस बजे से दोपहर दो बजे तक शिक्षण कार्य जारी रहेगा।

पड़ोसी राज्य पंजाब में भी इसी प्रकार की स्थिति देखी जा रही है। वहां की सरकार ने भी शीतलहर और सघन कुहासे को देखते हुए विद्यालयों के अवकाश में वृद्धि की घोषणा की है। पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए सभी सरकारी, सरकारी अनुदानित और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय 21 जनवरी तक बंद रहेंगे। छोटे बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए पूर्व में जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार ही विद्यालय संचालित होंगे। यह निर्णय छात्रों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और उनके स्वास्थ्य के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास है।

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक विशेष कारण से छुट्टियों की घोषणा की गई है। माघ मेला और विभिन्न पवित्र स्नान पर्वों के आयोजन के चलते जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश के अनुसार, सभी बोर्ड के विद्यालयों में पहली से बारहवीं कक्षा तक 16 से 20 जनवरी तक अवकाश रहेगा। इस अवधि में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन और यातायात व्यवस्था में बदलाव को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।

नोएडा और गौतम बुद्ध नगर क्षेत्र में भी ठंड को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। जिला अधिकारी के ताजा आदेशों के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यालय शीतलहर के प्रभाव के कारण 14 जनवरी तक बंद रखे गए थे। नौवीं से बारहवीं कक्षा के छात्रों के लिए विद्यालय के समय में परिवर्तन किया गया था ताकि वे अत्यधिक ठंड के समय यात्रा करने से बच सकें। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार मकर संक्रांति के पावन पर्व पर 15 जनवरी को संपूर्ण प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग निर्णय लिए गए हैं। कई जिलों में छोटे बच्चों के विद्यालय पहले से ही 15 जनवरी तक बंद हैं। यह दृष्टिकोण प्रत्येक क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखता है। हालांकि, राज्य स्तर पर अभी तक शीतकालीन अवकाश को और आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

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दक्षिण भारत में स्थिति पूरी तरह से अलग है। तमिलनाडु जैसे राज्यों में पोंगल महोत्सव के कारण छुट्टियां घोषित की गई हैं। यह त्योहार वहां अत्यंत उत्साह और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है। 15, 16 और 17 जनवरी को क्रमशः पोंगल, मट्टू पोंगल और तिरुवल्लुवर दिवस के उपलक्ष्य में आधिकारिक अवकाश रहेगा। 18 जनवरी को रविवार होने से विद्यार्थियों को लगातार चार से पांच दिनों का विस्तृत अवकाश मिल रहा है, जो उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने का अवसर प्रदान करता है।

उत्तर भारत के राज्यों में भी 14 और 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर छुट्टी रहेगी। यह पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है और इसे फसल कटाई के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है और विविध परंपराओं के साथ मनाया जाता है।

इन सभी निर्णयों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अत्यधिक ठंड और घने कोहरे की स्थिति में बच्चों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई होती है और उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही, दृश्यता की कमी के कारण यातायात में भी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसलिए सरकारों का यह निर्णय समय की मांग और परिस्थितियों के अनुकूल है।

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अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए उचित कपड़े पहनाएं और गर्म खाने-पीने की चीजें दें। विद्यालय प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जब विद्यालय पुनः खुलें, तो कक्षाओं में उचित व्यवस्था हो और बच्चों की पढ़ाई में कोई व्यवधान न आए। शिक्षकों को छुट्टियों के बाद पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए विशेष योजना बनानी चाहिए।

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