जनवरी में 2 दिन रहेगा सार्वजनिक अवकाश घोषित, अब स्कूलों के साथ सरकारी दफ्तर भी रहेंगे बंद public holidays

By Shreya

Published On:

Join WhatsApp
Join Now

public holidays – उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मंडल से एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। मकर संक्रांति के पावन पर्व के अवसर पर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लेते हुए सभी सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। यह निर्णय केवल विद्यालयों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी दफ्तरों को भी इसमें शामिल किया गया है। मंडल आयुक्त अनिल ढींगरा द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, 14 और 15 जनवरी को गोरखपुर मंडल के समस्त जिलों में संपूर्ण सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

गोरखनाथ मंदिर में इन दोनों दिनों विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं। मकर संक्रांति के अवसर पर यहां खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र अवसर पर मंदिर में दर्शन करने और खिचड़ी का भोग लगाने आते हैं। पिछले वर्षों के अनुभव से यह स्पष्ट है कि इन दिनों भक्तों की असाधारण भीड़ उमड़ती है। इस विशाल जनसमूह को देखते हुए और यातायात व्यवस्था में आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह सुविचारित निर्णय लिया है। इससे न केवल धार्मिक आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सकेंगे, बल्कि आम जनजीवन में भी व्यवधान नहीं आएगा।

प्रदेश में पिछले कुछ समय से मौसम की स्थिति काफी विषम रही है। कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और तीव्र शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए इन परिस्थितियों में विद्यालय जाना अत्यंत कठिन हो गया था। सुबह के समय तापमान बेहद कम रहता है और घने कोहरे के कारण दृश्यता भी न्यूनतम हो जाती है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही बारहवीं कक्षा तक के समस्त विद्यालयों को शनिवार तक बंद रखने का निर्णय लिया था।

यह भी पढ़े:
विधवा और बुजुर्गों की बल्ले-बल्ले! पेंशन ₹10,000 तक बढ़ेगी | Pension Update 2026

रविवार को साप्ताहिक अवकाश के पश्चात अब सभी शैक्षणिक संस्थान सोमवार से पुनः खुलेंगे। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। प्रशासन का स्पष्ट मत है कि बच्चों को किसी भी प्रकार के जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए। मौसम की विपरीत परिस्थितियों में उन्हें घर पर सुरक्षित रखना ही उचित है। जिले के समस्त सरकारी और निजी विद्यालयों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य बनाया गया है। इससे अभिभावकों को भी बड़ी राहत मिली है क्योंकि उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं रहना पड़ेगा।

जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, सभी सरकारी कार्यालय, कलेक्ट्रेट, तहसील कार्यालय, विकास भवन और अन्य सरकारी संस्थान निर्धारित तिथियों पर बंद रहेंगे। यह व्यापक अवकाश सार्वजनिक प्रशासन के लगभग सभी क्षेत्रों को समाहित करता है। हालांकि, कुछ अत्यावश्यक सेवाओं को इस अवकाश से बाहर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन, अग्निशमन सेवा और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से संचालित रहेंगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनता को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध रहें।

सरकारी कार्यालयों में अवकाश घोषित होने से कर्मचारियों और आम जनता दोनों को लाभ होगा। कई सरकारी कर्मचारी लंबे समय से अवकाश की मांग कर रहे थे। उन्हें अपने पारिवारिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए समय नहीं मिल पा रहा था। यह दो दिन का अवकाश उनके लिए राहत की सांस लेकर आया है। वे अपने परिवार के साथ मकर संक्रांति का पर्व मना सकेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे। साथ ही, आम नागरिक भी सरकारी कार्यालयों में होने वाली अनावश्यक भीड़भाड़ से बच सकेंगे।

यह भी पढ़े:
प्राइवेट कर्मचारियों की मासिक पेंशन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, सुबह-सुबह आई बड़ी खुशखबरी EPFO Pension Increase Update

प्रशासन ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी। यह आदेश सभी सरकारी संस्थानों के लिए बाध्यकारी है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवकाश समाप्त होने के बाद सभी कार्यालय अपने निर्धारित समय पर नियमित रूप से खुलेंगे और कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाएगा। किसी भी प्रकार की कार्य में देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

इस निर्णय से जिले में दो दिनों तक लगभग संपूर्ण सार्वजनिक अवकाश जैसा वातावरण रहेगा। शैक्षणिक संस्थान और सरकारी दफ्तर दोनों बंद रहने से सड़कों पर यातायात भी सामान्य से कम रहेगा। यह विशेष रूप से मकर संक्रांति के आयोजनों के लिए लाभदायक होगा। गोरखनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को यातायात में कम समस्या होगी और वे सुगमता से दर्शन कर सकेंगे।

मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का प्रतीक है और नई ऋतु के आगमन का संकेत देता है। उत्तर प्रदेश में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और तिल, गुड़ व खिचड़ी का प्रसाद बांटते हैं। गोरखपुर में इस पर्व का विशेष महत्व है क्योंकि यहां का गोरखनाथ मंदिर पूरे क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र है।

यह भी पढ़े:
पीएम किसान 22वीं किस्त के तारीख जारी! इस दिन आएंगे खाते में के ₹2000 । PM Kisan 22nd Installment Date

प्रशासन का यह निर्णय कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। लंबे समय से निरंतर कार्य करते रहने के बाद उन्हें विश्राम की आवश्यकता थी। यह अवकाश उन्हें न केवल शारीरिक विश्राम प्रदान करेगा, बल्कि मानसिक तनाव से भी मुक्ति दिलाएगा। साथ ही, वे अपने सामाजिक और धार्मिक दायित्वों को भी पूरा कर सकेंगे। यह संतुलित दृष्टिकोण कार्य और जीवन के बीच समन्वय स्थापित करता है।

जनता ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। लोगों को अब सरकारी कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे अपने त्योहार को शांति और समृद्धि के साथ मना सकेंगे। साथ ही, बच्चों को भी विद्यालय जाने की चिंता से मुक्ति मिलेगी। परिवार एक साथ समय बिता सकेंगे और पारिवारिक बंधनों को मजबूत कर सकेंगे।

इस प्रकार, गोरखपुर मंडल प्रशासन का यह निर्णय बहुआयामी लाभ प्रदान करता है। यह धार्मिक आस्था का सम्मान करता है, सार्वजनिक सुविधा सुनिश्चित करता है, कर्मचारियों को विश्राम देता है और विद्यार्थियों की सुरक्षा की गारंटी देता है। ऐसे संतुलित और सुविचारित निर्णय प्रशासनिक दूरदर्शिता के उदाहरण हैं।

यह भी पढ़े:
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका! NCTE ने शुरू किया 1 साल का नया B.Ed कोर्स NCTE B.Ed Course

Leave a Comment