लगातार दूसरे दिन सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमतों में भी नरमी Gold Silver Price Today

By Shreya

Published On:

Join WhatsApp
Join Now

Gold Silver Price Today – वर्ष 2026 की शुरुआत में कीमती धातुओं के बाजार में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जनवरी के दूसरे पखवाड़े में सोने और चांदी के मूल्यों में कमी आई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को काफी संतोष मिला है। पिछले कुछ समय से बढ़ती कीमतों ने खरीदारों को परेशान कर रखा था, लेकिन अब स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। यह गिरावट लगातार दो दिनों तक जारी रही, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।

बाजार में उतार-चढ़ाव के प्रमुख कारण

अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियां भारतीय सर्राफा बाजार को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती हैं। अमेरिकी डॉलर की स्थिति मजबूत होने पर सोने और चांदी की कीमतों में सामान्यतः गिरावट आती है। विश्व भर में आर्थिक परिस्थितियां, विभिन्न देशों की मौद्रिक नीतियां और व्यापारिक समीकरण इन धातुओं के मूल्य निर्धारण में अहम भूमिका निभाते हैं। जनवरी माह के प्रारंभ में जब वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहौल था, तब लोगों ने अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए कीमती धातुओं में लगाया था।

निवेशकों का रुझान आर्थिक अनिश्चितता के दौरान पारंपरिक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ता है। हालांकि, जैसे-जैसे परिस्थितियां सामान्य होती जा रही हैं, वैसे-वैसे बाजार में संतुलन बनता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मूल्य सुधार एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और बाजार की सेहत के लिए आवश्यक भी है। तेजी के बाद आने वाली यह नरमी व्यापारियों और निवेशकों दोनों के लिए अवसर लेकर आती है।

यह भी पढ़े:
विधवा और बुजुर्गों की बल्ले-बल्ले! पेंशन ₹10,000 तक बढ़ेगी | Pension Update 2026

विभिन्न शुद्धता वाले सोने की वर्तमान स्थिति

भारतीय बाजार में सोना अलग-अलग शुद्धता के स्तर पर उपलब्ध रहता है, जिनका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है। 24 कैरेट का सोना सर्वाधिक शुद्ध माना जाता है और इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत सोना होता है। इस प्रकार के सोने का उपयोग मुख्य रूप से निवेश के उद्देश्य से, सिक्कों और बुलियन बार के निर्माण में होता है। हालिया गिरावट के बाद इस श्रेणी में खरीदारी करना अधिक लाभदायक हो गया है।

22 कैरेट सोना भारतीय आभूषण उद्योग की रीढ़ है। इसमें लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और शेष अन्य धातुओं का मिश्रण, जो इसे मजबूती प्रदान करता है। गहनों के निर्माण के लिए यह सर्वोत्तम विकल्प माना जाता है क्योंकि यह शुद्धता और टिकाऊपन दोनों का संतुलित मिश्रण है। इस श्रेणी में भी दामों में राहत मिली है, जो शादी-विवाह के मौसम में खरीदारों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

18 कैरेट सोना उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो सीमित बजट में आधुनिक डिजाइन के आभूषण खरीदना चाहते हैं। इसमें करीब 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और यह तुलनात्मक रूप से किफायती होता है। फैशन ज्वेलरी और डिजाइनर संग्रह में इसका व्यापक उपयोग होता है। युवा वर्ग में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

यह भी पढ़े:
प्राइवेट कर्मचारियों की मासिक पेंशन में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, सुबह-सुबह आई बड़ी खुशखबरी EPFO Pension Increase Update

विभिन्न महानगरों में मूल्य भिन्नता

देश के अलग-अलग क्षेत्रों में कीमती धातुओं के दाम में थोड़ा अंतर पाया जाता है। इसके पीछे कई स्थानीय कारक जिम्मेदार होते हैं। राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न कर, माल ढुलाई का खर्च, और क्षेत्रीय मांग की विशेषताएं इन अंतरों को जन्म देती हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, आर्थिक राजधानी मुंबई, पूर्वी भारत का प्रमुख केंद्र कोलकाता और दक्षिण का तकनीकी हब बेंगलुरु में कीमतें लगभग समान स्तर पर रहती हैं।

हालांकि, चेन्नई और कुछ अन्य दक्षिणी शहरों में स्थानीय परंपराओं और त्योहारों के कारण मांग अलग होती है, जिससे दामों में मामूली फर्क देखा जा सकता है। इसलिए खरीदारी का निर्णय लेने से पहले अपने शहर के स्थानीय सर्राफा बाजार से वर्तमान दरों की जानकारी अवश्य प्राप्त करें। यह सावधानी आपको बेहतर सौदा करने में मदद करेगी।

चांदी के बाजार में भी आया बदलाव

चांदी हमेशा से मध्यम वर्ग के लिए निवेश का लोकप्रिय माध्यम रही है। यह न केवल सस्ती होती है बल्कि औद्योगिक उपयोग के कारण इसकी मांग भी स्थिर रहती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा पैनल, चिकित्सा उपकरण और फोटोग्राफी में चांदी का महत्वपूर्ण उपयोग होता है। जनवरी के शुरुआती दिनों में चांदी ने शानदार प्रदर्शन किया था और रिकॉर्ड ऊंचाई छू ली थी।

यह भी पढ़े:
पीएम किसान 22वीं किस्त के तारीख जारी! इस दिन आएंगे खाते में के ₹2000 । PM Kisan 22nd Installment Date

लेकिन अब बाजार में संयम की स्थिति बनी है और चांदी के भाव में भी कुछ नरमी आई है। प्रति ग्राम और प्रति किलोग्राम दोनों इकाइयों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दीर्घकालिक निवेश की दृष्टि से चांदी को अभी भी बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि छोटे निवेशकों को चांदी में निवेश की योजना बनानी चाहिए।

जनवरी माह का समग्र विश्लेषण

चालू माह सर्राफा व्यापारियों के लिए काफी रोमांचक रहा है। महीने के आरंभ में जबरदस्त तेजी देखी गई थी जब सोने की कीमतों में प्रति ग्राम सौ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई। इसी तरह चांदी ने लगभग दस प्रतिशत की उछाल दिखाई, जो असाधारण थी। यह तेजी वैश्विक आर्थिक चिंताओं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण आई थी।

अब महीने के मध्य में पहुंचते-पहुंचते बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं। यह उतार-चढ़ाव बाजार की सामान्य प्रकृति का हिस्सा है। व्यापारियों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है बल्कि इसे अवसर के रूप में देखना चाहिए। आने वाले दिनों में बाजार किस दिशा में जाता है, यह कई अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगा।

यह भी पढ़े:
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका! NCTE ने शुरू किया 1 साल का नया B.Ed कोर्स NCTE B.Ed Course

समझदारी भरा निवेश कैसे करें

कीमती धातुओं में निवेश करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। यदि आप निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं तो गोल्ड बार, सिक्के या डिजिटल सोना बेहतर विकल्प हैं। इनमें बनवाई का खर्च नहीं लगता और बेचते समय भी परेशानी कम होती है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड भी एक सुरक्षित और लाभदायक माध्यम है।

आभूषण खरीदते समय हमेशा बीआईएस हॉलमार्क की जांच करें और शुद्धता प्रमाणपत्र मांगें। विश्वसनीय और पंजीकृत ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें। एक बार में बड़ी राशि निवेश करने के बजाय, नियमित अंतराल पर छोटी मात्रा में खरीदारी करना ज्यादा बुद्धिमानी है। इससे औसत लागत कम होती है और जोखिम भी कम रहता है।

आगामी समय में सोने-चांदी की कीमतें अनेक तत्वों से प्रभावित होंगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा, प्रमुख देशों के केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियां, मुद्रास्फीति की दर और भू-राजनीतिक घटनाक्रम – ये सभी कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ती है तो पुनः तेजी की संभावना है।

यह भी पढ़े:
सीमेंट, सरिया और बालू आज से सस्ते, घर बनाने वालों को बड़ी राहत – Cement Sariya Balu New Rate

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना-चांदी अभी भी विश्वसनीय संपत्ति मानी जाती है। ये धातुएं मुद्रास्फीति के विरुद्ध सुरक्षा कवच का काम करती हैं। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव को समझते हुए धैर्यपूर्वक निवेश करना चाहिए। वित्तीय सलाहकारों से परामर्श लेना और बाजार की नियमित निगरानी रखना फायदेमंद रहता है।

Leave a Comment