सभी महिलाओं को बीमा सखी योजना में 7000 की नौकरी मिलना हुई शुरू- Bima Sakhi Yojana

By Shreya

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Bima Sakhi Yojana – आज के दौर में जब महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, तब भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने उनके लिए एक शानदार पहल की है। बीमा सखी योजना एक ऐसा कार्यक्रम है जो विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना और उन्हें बीमा क्षेत्र में करियर बनाने का मौका देना है। साल 2026 में यह योजना पूर्ण गति से संचालित हो रही है और हजारों महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य

बीमा सखी कार्यक्रम की नींव दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा रखी गई थी। यह एक तीन वर्षीय प्रोत्साहन आधारित कार्यक्रम है जिसमें चयनित महिलाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रारंभिक वर्षों में मासिक वजीफा भी दिया जाता है। इस पहल का मूल लक्ष्य महिलाओं को ऐसा रोजगार उपलब्ध कराना है जो लचीला हो और जिसमें वे अपने घरेलू दायित्वों के साथ तालमेल बिठा सकें। एलआईसी के अनुसार, इस योजना से जुड़ी महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करती हैं बल्कि अपने क्षेत्र में बीमा के प्रति जागरूकता भी फैलाती हैं।

बीमा सखी का कार्य और भूमिका

बीमा सखी योजना केवल एक नौकरी का जरिया नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम है। इस कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को ‘बीमा सखी’ या ‘महिला करियर एजेंट’ के रूप में नियुक्त किया जाता है। तीन साल के वजीफा काल के पश्चात वे नियमित एजेंट की भांति कमीशन आधारित कार्य करती रहती हैं। एलआईसी इन महिलाओं को निःशुल्क व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करता है जिसमें बीमा उत्पादों की विक्रय तकनीक, ग्राहक सेवा कौशल और डिजिटल माध्यमों का उपयोग शामिल है। यह योजना आईआरडीएआई (बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) के दिशानिर्देशों के अंतर्गत संचालित होती है, जो इसे पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाती है।

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पात्रता मानदंड: कौन बन सकती हैं बीमा सखी

इस योजना के लिए आवेदन करने की शर्तें काफी सरल और स्पष्ट हैं। आवेदक महिला की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसे कम से कम दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाली महिलाओं को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता मिल सकती है। आवेदक को भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए और उसके पास इस कार्य के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, आईआरडीएआई द्वारा निर्धारित पूर्व-भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है। सरकारी या सार्वजनिक उपक्रम में कार्यरत कर्मचारी, वर्तमान एलआईसी एजेंट, या एलआईसी कर्मचारियों और पूर्व एजेंटों के निकट संबंधी आवेदन नहीं कर सकते। सेवानिवृत्त एलआईसी कर्मचारी या पूर्व एजेंट जो पुनः नियुक्ति चाहते हैं, वे भी अपात्र माने जाते हैं।

आय और लाभ: आर्थिक सुरक्षा की गारंटी

बीमा सखी योजना का सबसे आकर्षक पहलू इसकी आय संरचना है। तीन वर्ष के वजीफा काल में महिलाओं को प्रदर्शन आधारित मासिक भत्ता मिलता है। प्रथम वर्ष में 7,000 रुपये प्रति माह का वजीफा दिया जाता है, बशर्ते कि वार्षिक रूप से न्यूनतम 24 जीवित पॉलिसियां और 48,000 रुपये का कमीशन लक्ष्य प्राप्त किया जाए। द्वितीय वर्ष में 6,000 रुपये मासिक मिलता है यदि पिछले वर्ष की 65 प्रतिशत पॉलिसियां सक्रिय रहें। तृतीय वर्ष में 5,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है जिसके लिए दूसरे वर्ष की 65 प्रतिशत पॉलिसियों का सक्रिय रहना जरूरी है।

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वजीफे के अतिरिक्त, प्रत्येक बेची गई पॉलिसी पर अलग से कमीशन प्राप्त होता है जो विक्रय के अनुसार बढ़ता रहता है। एक सक्रिय बीमा सखी औसतन महीने में 10,000 से 20,000 रुपये तक अर्जित कर सकती है। तीन वर्ष पूर्ण होने के बाद भी कमीशन जारी रहता है। पांच वर्ष के अनुभव के उपरांत शिक्षु विकास अधिकारी बनने का अवसर भी मिलता है जो एक उच्च पद है। इसके साथ ही लचीला कार्य समय, घर के निकट कार्य क्षेत्र और सामाजिक सम्मान जैसे अनगिनत लाभ हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: सरल और सुविधाजनक

वर्ष 2026 में बीमा सखी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है। आवेदन शुल्क मात्र 650 रुपये है जिसमें एलआईसी शुल्क 150 रुपये और आईआरडीएआई परीक्षा शुल्क 500 रुपये शामिल है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट licindia.in पर जाकर ‘बीमा सखी’ अनुभाग में ‘आवेदन करें’ लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद पंजीकरण फॉर्म में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, पता, आयु और शैक्षणिक विवरण भरना होगा। आधार संख्या और हालिया पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र, पता प्रमाण, और पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रतियां संलग्न करनी होती हैं। फॉर्म जमा करने के पश्चात आईआरडीएआई की पूर्व-भर्ती परीक्षा की तिथि चुननी होती है। यह परीक्षा ऑनलाइन होती है जिसमें बीमा की मूल बातों पर 50 प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निकटतम एलआईसी शाखा से साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है और दस्तावेज सत्यापन के उपरांत एजेंसी कोड आवंटित हो जाता है।

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सफलता के सूत्र और सावधानियां

बीमा सखी के रूप में सफल होने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। वजीफा प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह कम से कम एक पॉलिसी बेचना आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में अपने मित्रों और रिश्तेदारों से शुरुआत करना एक अच्छा विचार हो सकता है। चूंकि अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से होता है, इसलिए मोबाइल ऐप और ऑनलाइन उपकरणों का ज्ञान होना लाभदायक रहेगा। किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक एलआईसी वेबसाइट से ही आवेदन करना चाहिए। एलआईसी की बीमा सखी पोर्टल पर प्रशिक्षण वीडियो उपलब्ध हैं और नियुक्ति के बाद मार्गदर्शक की सहायता भी मिलती है।

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