Big update on school holidays – उत्तर प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। राज्य के कई हिस्सों में पारा इतना नीचे गिर गया है कि पिछले बारह सालों के तापमान के रिकॉर्ड टूट गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार कुछ जिलों में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है, जो कि एक दशक से अधिक समय में सबसे कम है। इस भीषण सर्दी के साथ-साथ घने कोहरे ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जिसके चलते दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी इसी प्रकार की कड़ाके की सर्दी बने रहने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक शीतलहर और घने कोहरे की स्थिति में अभी कोई सुधार होने की संभावना नहीं है। ऐसे में आम जनता को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। खासतौर पर सुबह और शाम के समय बाहर निकलते वक्त गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रयागराज में स्कूलों की छुट्टियों का विस्तार
प्रयागराज जिले में बढ़ती हुई शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला प्रशासन ने कक्षा आठ तक के सभी विद्यालयों में 15 जनवरी तक अवकाश की घोषणा कर दी है। यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि इतनी अधिक ठंड में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक अपने सिंह ने सोमवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया है।
हालांकि विद्यालयों में छुट्टियां घोषित की गई हैं, लेकिन शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को नियमित रूप से विद्यालय और कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य रहेगा। उन्हें अपने आवंटित दायित्वों का निर्वहन करना होगा और प्रशासनिक कार्य जारी रखने होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी बोर्ड के प्रधानाचार्यों को इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
मुख्यमंत्री के आदेश का पालन न करने वाले विद्यालय
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीषण शीतलहर को देखते हुए पूरे प्रदेश में इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूलों और कॉलेजों को 5 जनवरी तक बंद रखने का आदेश पारित किया था। इसके बाद कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश भी जारी किया गया। यह निर्णय राज्य भर के छात्रों की भलाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।
परंतु इन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी कुछ विद्यालय संचालकों ने सरकारी आदेश की अनदेखी की है। झांसी क्षेत्र की बात करें तो यहां कई इंटरमीडिएट कॉलेज ऐसे हैं जो मुख्यमंत्री के आदेश को दरकिनार करते हुए लगातार अपने विद्यालयों का संचालन कर रहे हैं। झांसी की आवास विकास कॉलोनी योजना तीन के सेक्टर चार में स्थित एक उर्दू इंटरमीडिएट कॉलेज में मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जो कि सरकारी निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सावधानियां
एसआरएन अस्पताल के नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राम सिया सिंह ने इस मौसम में ठंड से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उनके अनुसार इस मौसम में ठंडे पेय पदार्थों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। साथ ही ठंडे पानी से नहाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए और केवल गर्म पानी का ही उपयोग करना चाहिए। ठंड के मौसम में शरीर का तापमान संतुलित रखना बेहद जरूरी है।
न्यूरो फिजिशियन डॉक्टर कमलेश सोनकर ने विशेष रूप से मधुमेह और रक्तचाप के मरीजों को सावधान रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि ऐसे रोगियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि अत्यधिक ठंड उनकी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकती है। इन मरीजों को नियमित रूप से अपनी दवाइयां लेनी चाहिए और बिना जरूरत के बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बाहर जाना अत्यावश्यक हो तो पर्याप्त गर्म कपड़े पहनकर ही निकलना चाहिए।
प्रदेश के सबसे अधिक ठंडे जिले
उत्तर प्रदेश के पांच सबसे अधिक ठंडे जिलों में इटावा सबसे ऊपर है, जहां न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। यह तापमान पिछले बारह वर्षों में सबसे कम है और यहां की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इटावा के बाद बहराइच जिले का नंबर आता है, जहां पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। यहां भी सर्दी का सितम जारी है और लोग घरों में दुबके हुए हैं।
गोरखपुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा है। यह क्षेत्र आमतौर पर अपेक्षाकृत कम ठंडा रहता है, लेकिन इस बार यहां भी असामान्य रूप से ठंड बढ़ गई है। सुल्तानपुर जिले में तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि आजमगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा है। इन सभी जिलों में घने कोहरे के साथ-साथ तेज ठंडी हवाओं ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है।
प्रशासन की तैयारियां और जन सुरक्षा
राज्य प्रशासन ने इस भीषण शीतलहर से निपटने के लिए कई उपाय किए हैं। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, जहां लोग खुद को गर्म रख सकें। साथ ही बेघर और गरीब लोगों के लिए रात्रि आश्रय गृहों में विशेष व्यवस्था की गई है। इन आश्रय गृहों में कंबल और गर्म भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।









